“अनुभूति की सरसता”

अनुभूति की सरसता से भी सरस अनुपम ये एहसास है, मानो किसी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में भी गुमशुम सी सौगात है। ना रंग है ना ही हवाओं का शोर फिर भी चारो ओर सजीला संसार है, कहाँ है वो सारंगी का सुर जिसकी कब से हमें तलाश है। अनुभूति.....    ❤❤❤❤❤❤❤ परवाईयाँ मुड़ मुड़ के … पढ़ना जारी रखें “अनुभूति की सरसता”

“ये किताबें….”

माना ये किताबें मेरी ही तरह खामोश पडी रहती हैं, हजारों कहानियों को दिल में समेटे वीरान बनी रहती हैं, पर अचानक तेज हवाओं की गुस्ताखीयाँ किताबी पन्नो को फड़फड़ाती हैं,📚📖📚📖📓📔📚📖 मेरे मन के चोर से मन ही मन बातें बनाती हैं, इन किताबों की तो फितरत है उलझते रहना, फिर ना जाने क्यूँ इन … पढ़ना जारी रखें “ये किताबें….”

🌈पहचान🌈

अलग से एक पहचान हो, चुडीयों की खनक औऱ पायल की छनछन से दूर, आशाओं के बादल में हर लडकी की उडान हो।। ✍🌫🌫✍🌈 कुरीतियों के पिंजरे में साँसें अनमनी सी लगती हैं, स्वछंद पंक्षियोंं के पंखों की परवाज हो, हर लडकी की जिंदगी उसकी खुद की लिखी किताब  हो।। ✍🌫🌫✍🌈 बिन माँगे मश्वरों की … पढ़ना जारी रखें 🌈पहचान🌈

“गजल”

होनी भी ना ये चाहिए, जेहाद-ए-जिंदगी, इससे मिला है बस यही बेहाल-ए-जिंदगी।। जुर्माना भरा है लोगों ने सिर अपना कटाकर, वादियों में हो फिर ,सुकून-ए-हाल जिंदगी।। इल्म-ए दुआ में है बस खुदा की एक रजा, इंसानियत में ढलना है मुकाम-ए-जिंदगी।। किसने रची हैं साजिशें ,ये खौफ का समां, बदलेगी फिर से सूरत, मुस्कान-ए-जिंदगी।। रूसवाईयों के … पढ़ना जारी रखें “गजल”

“माँ सरस्वती को समर्पित एक रचना”🙏🌈

हम सौ बार सरस्वती को याद करते हैं। उँगलियों में कलम थामे जज्बातों का इजहार करते हैं।।🍁🌿🍁🌿🍁🌿🍁🌿🍁🌿🍁🌿🍁🌿🍁 जाने कैसे मन्त्र की कोशिशों की फरियाद करते हैं। बन्द सुप्त कलिकाओं में खुश्बुओं की तलाश करते हैं।।🍁🌿🍁🌿🍁🌿🍁🌿🍁🌿🍁🌿🍁🌿🍁 दिल की धडकनों में शब्दों का इजहार करते हैं। कविता के मूर्तियों में संगीत का प्रतिष्ठान करते हैं।।     … पढ़ना जारी रखें “माँ सरस्वती को समर्पित एक रचना”🙏🌈